ananya rai
Fantasy
काम का नाश करके जरा देखिये
प्रभु पे विश्वास करके जरा देखिये
शिव सती आपके घर भी आयेंगे पर
मन को कैलाश करके जरा देखिये।।
संसार की जतन ...
फिर तुझे वो य...
मन
सुहानी शाम
विश्व माली
कहां जा रहे ह...
मेरे राम जी
दिल ने ये कहा...
ये ना पूछो कै...
मन की शांति व प्रियजनों के प्रेम का मोल है, इस तपस्या के पश्चात प्राप्त सुख अनमोल है ! मन की शांति व प्रियजनों के प्रेम का मोल है, इस तपस्या के पश्चात प्राप्त सुख अ...
वक़्त से हार कर यूँ हमदम उदास न बैठिये, वक़्त से हार कर यूँ हमदम उदास न बैठिये,
पंकज की खुशबू हो तुम, प्रभात की प्यास हो तुम। बहुत खास हो तुम, एक एहसास हो तुम। पंकज की खुशबू हो तुम, प्रभात की प्यास हो तुम। बहुत खास हो तुम, एक एहसास हो तु...
हम न रोकेंगे कदम को , दर्द सारा कुछ भी हो। हम न रोकेंगे कदम को , दर्द सारा कुछ भी हो।
मैं जिया हूँ दो दफा और दो दफा हीं मैं मरा हूँ। मैं जिया हूँ दो दफा और दो दफा हीं मैं मरा हूँ।
प्रियतम सिंदूरी रंग संग गीत होली की है रीत हमारी। प्रियतम सिंदूरी रंग संग गीत होली की है रीत हमारी।
तब राधा रानी हरषाईं रास रचाने कूं उठ धाई।। तब राधा रानी हरषाईं रास रचाने कूं उठ धाई।।
सारे गम, सारे दर्द, सब कुछ समेट कर रख लेती है सारे गम, सारे दर्द, सब कुछ समेट कर रख लेती है
शक्तियां जीतता बुद्धि से अपार सफलता, बौद्धिक विकास की ओर कदम बढ़ाता शक्तियां जीतता बुद्धि से अपार सफलता, बौद्धिक विकास की ओर कदम बढ़ाता
बरस रही भू पर ज्योत्स्ना सोमरस सुप्रीति, वसुंधरा पाकर चन्द्र अमृत बिन्दु निखरती ! बरस रही भू पर ज्योत्स्ना सोमरस सुप्रीति, वसुंधरा पाकर चन्द्र अमृत बिन्दु निखर...
शब्दों के बाण है दोस्ती, महकती शराब है दोस्ती, शब्दों के बाण है दोस्ती, महकती शराब है दोस्ती,
जब भी कोई मुकम्मल फैसला करा कीजिये, दिल से भी जर कभी मशवरा करा कीजिये ! जब भी कोई मुकम्मल फैसला करा कीजिये, दिल से भी जर कभी मशवरा करा कीजिये !
तू न सही तेरे ख्वाबों से मोहब्बत करने दे ! तू न सही तेरे ख्वाबों से मोहब्बत करने दे !
पूरी हों सब की कामना इस बार, आए कृष्ण मेरे द्वार। पूरी हों सब की कामना इस बार, आए कृष्ण मेरे द्वार।
ढोल, मंजीरे बज रहे न कोई लाचारी देखो मौसम आया होली का।। ढोल, मंजीरे बज रहे न कोई लाचारी देखो मौसम आया होली का।।
आज मौका मिला तो कह दिया वरन को सुनता है दीवाना।।आज मौका मिला तो कह दिया वरन को सुनत आज मौका मिला तो कह दिया वरन को सुनता है दीवाना।।आज मौका मिला तो कह दिया ...
हां मैं नारी हूँ। घर परिवार की फुलवारी हूँ।। हां मैं नारी हूँ। घर परिवार की फुलवारी हूँ।।
हमने राह तक ली सुबह से शाम तक तिहारी , हमने राह तक ली सुबह से शाम तक तिहारी ,
हर डाली नव कुसुमित की सजी दुकूल ओढ़, लता गुल्म से लदी इला का आँचल बेजोड़! हर डाली नव कुसुमित की सजी दुकूल ओढ़, लता गुल्म से लदी इला का आँचल बेजोड़!
उसकी घटनाओं को रोचक बनाना पड़ता है ! उसकी घटनाओं को रोचक बनाना पड़ता है !