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Chandni Bhatnagar

Abstract

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Chandni Bhatnagar

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मेरी चाहत

मेरी चाहत

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तुझे अपनी बनाना मेरा जूनून नहीं 

बल्कि मेरा चाहत है 


मेरा जूनून कमजोर पड़ सकता है 

 पर मेरी चाहत नहीं 


तेरे मान लेने से मेरा जूनून झूठा हो सकता है

पर मेरी चाहत नहीं  


मेरी चाहत ओर मोहब्बत शीशे की तरह पाक है।


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