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Chandni Bhatnagar

Abstract

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Chandni Bhatnagar

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तू बादल मैं बारिश

तू बादल मैं बारिश

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तुम मेरे बादल

मैं तुम्हारी आँखों की

बारिश बन जाऊँ


टपके जो एक बूँद

तेरी आँखों से पानी

तो मैं उन्हें गिरने से पहले

पत्तों में रख लूँ


तू मिल जाए इस कदर मुझ से

बादल से बरसा पानी मिले हो


उसकी जमीं को

तुम मेरे बादल

मैं तुम्हारी आँखों की

बारिश बन जाऊं।


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