मेरे शब्द
मेरे शब्द
मेरे शब्द ही मेरी सोच,सच तुम और हम एक हैं।
जिंदगी में कहने की बात,बस वो मेरे शब्द ही तो है।
तुम मेरे शब्द मेरी अभिलाषा, मौन रहकर भी समझाती हैं।
समय के साथ मेरे शब्द,बस तुम गलत न समझना ,क्योंकि सबका सहयोग छूट जाता हैं।
बस मेरे शब्द ही तो,जो मन से अपना पराया सोचते हैं।
मेरे शब्द की राह,शायद दोस्त न बन सके,गर जरुरत बस बात कहनी है।
केवल मेरे शब्द ही, तेरे साथ रहते हैं।
बस भूलना और भूल जाना बस वेवफा मेरे शब्द ही तो हैं।
रंगमंच में मेरे शब्द ही तेरे साथ आज भी है।

