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kalpana gaikwad

Abstract

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kalpana gaikwad

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मेरे प्यारे बाबूजी

मेरे प्यारे बाबूजी

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मेरी प्रेरणा मेरा संबल

आदर्श मेरे बाबूजी


उगंली पकड़ चलना सिखलाया

अवरोधों से मुझे बचाया

प्रशस्त किये मार्ग उत्थान के

मेरे पथ प्रदर्शक बाबूजी


कृष्ण बन कर्मण्य बनाया

हौसला हरक्षण मेरा बढ़ाया

संस्कारों पर मुझे चलाया

अर्जुन बन लक्ष्य दिखाया

मंजिल तक मुझको पहुँचाया

मेरे प्यारे बाबूजी


तन्हा मुझको छोड़ गए

इक दिन मेरे बाबूजी

विदा हो गए दुनिया से

मेरे प्यारे बाबूजी


असह्य हैं विरह वेदना

लेकिन यादों में ,बातों में मेरे बाबूजी

मेरे स्मृतिपटल पर अंकित

आपकी अमिट छवि है बाबूजी

शत: शत; नमन आपको

मेरे प्यारे बाबूजी।


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