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रूही शाह🌘

Tragedy

4.5  

रूही शाह🌘

Tragedy

मेरा कमरा: मेरा छोटा सा संसार

मेरा कमरा: मेरा छोटा सा संसार

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मेरा कमरा मेरे लिए सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि मेरी अपनी एक छोटी सी दुनिया है। जैसे ही मैं दरवाज़ा खोलती हूँ, मुझे एक अजीब सी शांति महसूस होती है। कमरे की खिड़की से छनकर आती धूप सीधे मेरी मेज़ पर पड़ती है, जहाँ मेरी पसंदीदा किताबें है।
मेरे कमरे के एक कोने में मेरा बिस्तर है, जो दिनभर की थकान के बाद मेरा सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है।
रात के समय, जब पूरी दुनिया सो जाती है, मेरा कमरा मेरी सोच और सपनों का गवाह बनता है। मेज़ के लैंप की हल्की रोशनी में मैं अक्सर अपनी डायरी लिखती हूँ या बस संगीत सुनतीहूँ। यहाँ न कोई शोर है, न कोई दिखावा—बस मैं हूँ और मेरे विचार।
चाहे मैं कहीं भी जाऊँ, दिन के अंत में इस कमरे में वापस आकर जो सुकून मिलता है, वह दुनिया के किसी और कोने में नहीं मिलता। यह वह जगह है जहाँ मैं वाकई 'मैं' हूँ।


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