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रूही शाह🌘

Abstract Tragedy Inspirational

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रूही शाह🌘

Abstract Tragedy Inspirational

जीवन का पथ

जीवन का पथ

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​जीवन एक बहती धारा है, कभी शांत तो कभी उफान है,

यह संघर्षों की धूप भी है, और ठंडी छांव का वरदान है।

न हार यहाँ कोई अंत है, न जीत कोई विश्राम है,

पल-पल खुद को गढ़ना ही, इस मिट्टी का असली नाम है।

​कभी रास्तों में कांटे होंगे, कभी फूलों की होगी सेज,

वक्त थपेड़े भी मारेगा, दिखाएगा अपना तेज।

पर रुकना मत तुम राही, चाहे मंज़िल दूर खड़ी हो,

रात कितनी भी काली हो, भोर की किरण पास खड़ी हो।

​रिश्तों की कच्ची डोर कभी, कभी विश्वास की दीवार है,

जीवन खुशियों का संगम है, और दुखों का सत्कार है।

खोने में भी कुछ पाना है, रोने में भी मुस्कान है,

हार कर भी जो लड़ता रहे, वही तो असली इंसान है।

​धूप-छांव के इस मेले में, अपनी पहचान बनाना तुम,

भीड़ का हिस्सा मत बनना, खुद का आसमान सजाना तुम।

क्योंकि जीवन एक मौका है, कुछ कर दिखाने का,

मिट कर भी यादों में, सदा के लिए बस जाने का।


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