रात
रात
रात तो होगी मगर
सुबह का किनारा ना होगा
नम रहेगी आँखें मगर
आखों का समंदर सूखा न होगा
दिल की भी कुछ यू कहानी है
जो चाहिए खुदा मेरे लकीरों में लिखा नहीं होगा!
रात तो होगी मगर
सुबह का किनारा ना होगा
नम रहेगी आँखें मगर
आखों का समंदर सूखा न होगा
दिल की भी कुछ यू कहानी है
जो चाहिए खुदा मेरे लकीरों में लिखा नहीं होगा!