में एक चप्पल हूं
में एक चप्पल हूं
मैं एक चप्पल हूं
चलती रहती हरपल हूं
घिसती रहती,पिटती रहती,
फिऱ भी न रुकती एकपल हूं
मैं एक चप्पल हूं
लोग मुझे यूँ ही गाली देते हैं
नाम लेकर मेरा ताली देते हैं
मैं तो एक निष्पाप निर्झल हूं
मैं एक चप्पल हूं
मैं सबका ही भला करती हूं
नहीं किसी का का बुरा करती हूं
जब तक जिस्म मैं जान रहती है
लोगों के पैरों का ध्यान रखती हूं
मैं लोगो का सुरक्षित कल हूं
मैं एक चप्पल हूं
अब तो लोगो सुधर जाओ
मुझसे ही कुछ सीख ले जाओ
छोड़ भी दो आलस को,
मैं कर्मवीरों का एक बल हूं
मैं एक चप्पल हूं
जिओ तो दूसरो के लिये
मरो तो दूसरो के लिए
मैं परोपकार पर करती अमल हूं
तुम भी करो दुसरो का भला
मैं तुम्हारे लिये एक जिंदा पहल हूं
मैं एक चप्पल हूं।
