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SURESHBHAI CHAUDHARY

Tragedy

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SURESHBHAI CHAUDHARY

Tragedy

में बस हारता चला गया|

में बस हारता चला गया|

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की ख्वाब तो हमने भी 

बहुत सारे देखे थे।

लेकिन महेनत तो हमे

करनी है नही।

फिर मेने बहाने बना लिए

बहोत सारे।

ओर में इस जंग में

बस हारता चला गया।


आखिर एक कोने में बैठा मेरा भाई

चुपचाप अपना काम कर रहा है।

ओर वो होता है असफल बारबार ।

लेकिन उसने छोड़ा नही ये मैदान

ओर टिका रहा इस जंग में।

आखिर सफल हो गया मेरा भाई 

ओर में सिर्फ बहाने बनाता रहा।



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