STORYMIRROR

Arti Qanungo

Tragedy

4  

Arti Qanungo

Tragedy

चाय में घुला बचपन

चाय में घुला बचपन

1 min
373

गरमागरम चाय की पहली चुस्की

होठों पर लगाते ही एक एहसास हुआ

 

घोल दिया उसमें एक मासूम का बचपन

कोमल हाथों ने सीखा चाय बनाने का फन


खोलती चाय को छानते उसके हाथ

चेहरे को झुलसाती उसकी भाप


सोचता तो होगा कि घोल दूं

अपने जीवन के गम इस चाय में


तभी चिल्लाने की आवाज आई-

छोटू जल्दी से चाय ला।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy