मौसम पर दोहे
मौसम पर दोहे
मौसम परिवर्तन नियम, प्रकृत्ति की है शान।
परिवर्तन होते नये, मिले धरा को जान।।
बसंत, हेमन्त अरु शिशिर, सर्दी गर्मी बरसात।
मौसम तरु की शाख हैं, पतझड़ दुख की पात।।
पुष्प-पात अरु बारिशें, हरियल रंग अनूप।।
रंग-रुप मौसम बदले, पल में बादल-धूप।।
