STORYMIRROR

नमिता गुप्ता 'मनसी'

Abstract Romance

3  

नमिता गुप्ता 'मनसी'

Abstract Romance

मौन भाषा प्रेम की..

मौन भाषा प्रेम की..

1 min
182

कितनी शापित है वह भाषा

असमर्थ है जो

अनुवादित कर सकने में

ठहरे आंसुओं को,

नहीं होते उसके पास

कोई भी शब्द

दर्द की संवेदनाओं के लिए,

वह नहीं कर सकती साझा

अनबीतापन

बीतते हुए समय का,

और..

नहीं है उसके पास 

कोई भी ऐसा शब्द कोष

खंगाली जा सकें जहां

प्रेम की भाषाएं !!


..और कितना सक्षम है

वह "प्रेम"

संभाले रखता है स्वयं में

सारी भाषाएं

अपने "मौन" की !!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract