STORYMIRROR

Dr Manisha Sharma

Inspirational

3  

Dr Manisha Sharma

Inspirational

मैं प्रजा हूँ

मैं प्रजा हूँ

1 min
182

मैं प्रजा हूँ

तुम समझते हो मुझे 

निरीह लाचार बेकार

किन्तु तुम्हें नहीं मालूम

मैं ही हूँ भाग्य विधाता

तुम्हारा 


तुम जो राजा हो 

तुम्हारा अस्तित्व मुझसे है

मुझ में बचेगी सांसें 

तो ही जी पाओगे तुम भी

मेरे होने पर टिका है 

तुम्हारा होना 


तो जान लो तुम ये

कि तुम्हारी ये शक्ति

ये क्षमताएं 

सब मेरे चाक

पर पकी हैं

और तुम्हारा मिट्टी

का ये तख़्त

मेरे एक प्रहार से

ध्वस्त भी हो सकता है


मैं ब्रह्मा भी हूँ और शिव भी 

विष्णु बन कर रहोगे तुम 

तो रह पाओगे

ध्यान रखना 

मैं प्रजा हूँ


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational