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Anjana Gupta

Fantasy

3  

Anjana Gupta

Fantasy

मैं लिखना चाहती हूं.......

मैं लिखना चाहती हूं.......

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मैं लिखना चाहती हूं

खट्टे मीठे पलों को शब्दों में पिरोना चाहती हूं

हर एक एहसासों को शब्दों का रूप देना चाहती हूं

जो कभी कह ना सकी

वो आज लिखना चाहती हूं


मैं लिखना चाहती हूं

कुछ दर्द बयां करना चाहती हूं

कोरे कागज में शब्दों का रंग बिखेरना चाहती हूं

जो मन में बसे है

उन बातों को एक नया आशियाना देना चाहती हूं


मैं खुद की कहानी लिखना चाहती हूं

मगर मेरे किरदार कुछ खास नहीं

कलम की स्याही से इस किरदार का एक नया पात्र

लिखना चाहती हूं

कभी तो पाया नहीं खुद को 

मगर आज ढूंढ़ना चाहती हूं

कभी तो देखा नहीं खुद को

मगर आज संवारना चाहती हूं

अब मैं इस बंद कमरों से दूर जाना चाहती हूं

माना मंजिल को पाना आसान नहीं

पर इस सफर में मैं अपना नाम सुनना चाहती हूं

मैं लिखना चाहती हूं......



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