STORYMIRROR

Anjana Gupta

Fantasy

3  

Anjana Gupta

Fantasy

मैं लिखना चाहती हूं.......

मैं लिखना चाहती हूं.......

1 min
491

मैं लिखना चाहती हूं

खट्टे मीठे पलों को शब्दों में पिरोना चाहती हूं

हर एक एहसासों को शब्दों का रूप देना चाहती हूं

जो कभी कह ना सकी

वो आज लिखना चाहती हूं


मैं लिखना चाहती हूं

कुछ दर्द बयां करना चाहती हूं

कोरे कागज में शब्दों का रंग बिखेरना चाहती हूं

जो मन में बसे है

उन बातों को एक नया आशियाना देना चाहती हूं


मैं खुद की कहानी लिखना चाहती हूं

मगर मेरे किरदार कुछ खास नहीं

कलम की स्याही से इस किरदार का एक नया पात्र

लिखना चाहती हूं

कभी तो पाया नहीं खुद को 

मगर आज ढूंढ़ना चाहती हूं

कभी तो देखा नहीं खुद को

मगर आज संवारना चाहती हूं

अब मैं इस बंद कमरों से दूर जाना चाहती हूं

माना मंजिल को पाना आसान नहीं

पर इस सफर में मैं अपना नाम सुनना चाहती हूं

मैं लिखना चाहती हूं......



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy