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Aniket Kirtiwar

Abstract


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Aniket Kirtiwar

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मैं खुश हूं बहना

मैं खुश हूं बहना

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मैं खुश हूं बहना कि तुझे 

और एक भाई मिल गया। 

गम बस इतना है कि मुझे भुला दिया, 

अभी तो खुन के प्याले घुटघुट, 

गले से उतारे है। 

तुमने मारी ठोकर तभी तो 

हम सुधरे है। 


मै खुश हूं बहना की तुने

मुझे इन्सान बनाया, 

गम बस इतना है कि, 

सगे भाई को तेरे घर से अन्जान बनाया। 

मै खुश हूं बहना, मैं खुश हूं बहना


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