मैं बोझ नही हूं माँ (एबॉर्शन)
मैं बोझ नही हूं माँ (एबॉर्शन)
मैं बोझ नही हूं माँ
नन्हें हाथों को मेरे
महसूस करो माँ
मुझसे मुंह मत मोड़ों माँ
भैया ही नही अब मैं भी
बुढ़ापे का सहारा हूँ माँ
तेरी रूह से जुड़ी
करूँगी ना तुझसे किनारा माँ
जब मैं तुझको मां बोलूंगी
मीठे अपने बोल से
तेरे कानों में मिश्री मैं घोलूंगी
तू मुझे अपना हर दर्द कहेगी
हर दर्द का सहारा बनूंगी मैं
मुझसे मूंह मत मोड़ों माँ
हिम्मत थोड़ी जुटा ले आज
कर सामना डट कर तू
दुनिया को विश्वास दिला दे तू
बेटियों से ही हर घर
रोशन आज
बेटा साथ रहे ना रहे
बेटी ना झुकने दे
तेरे सिर का ताज
समझ ले तू ,
समझा दे सबको
अपने सम्मान को ना झुकने दे आज
नन्हें हाथ तुझे पुकारें
तू सुन ना माँ
मैं तेरे हृदय की धड़कन
मुझसे मुंह मत मोड़ों माँ
