Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

tanvee palan

Abstract Inspirational


4  

tanvee palan

Abstract Inspirational


मायका

मायका

1 min 208 1 min 208

जो नाम सुनकर हर बेटी का खिल उठता है चेहरा

न जाने कितना हसीन है वो आशियाना।


दिल के सारे तूफ़ान ठहर जाते हैं

न जाने क्या जादू है उस हवा में।


दुनियाँ के सारे ऐश-ओ -आराम एक तरफ

माँ के घर का चैन और सुकून एक तरफ।


वो गलियाँ, वो रास्ते और उनमें बसी अनगिनत यादें

बचपन की शैतानियाँ और दिए हुए वो झूठे बहाने।


वो खेल के मैदान, वो पाठशाला, वो सूने मकान

देते हैं एहसास जैसे पुकारते हो हर दम।


वो अलमारी, वो कपड़ें, वो किताबें

न जाने हर कोने में कितने सपने हैं सजोए।


वो माँ की गोद, पिता की छाँव और ढेर सारा प्यार

भाई-बहन के झगड़े और दादा-दादी का दुलार।


माँ के हाथ का खाना और वो सहेलियों का आना-जाना

सदा कायम है वहाँ बचपना और यादों का खज़ाना।


भूल जाते हैं सारे गम, सारी तकलीफें

छा जाती है ख़ुशी और प्यारी सी मुस्कान ।


हमेशा रहती हैं बेटियाँ राजकुमारी वहाँ

ज़िन्दगी की सबसे अनमोल और गहरी डोर है मायका।


Rate this content
Log in

More hindi poem from tanvee palan

Similar hindi poem from Abstract