STORYMIRROR

Ravi Jha

Inspirational

2  

Ravi Jha

Inspirational

मानवता

मानवता

1 min
337

नव वर्ष की नव संध्या पर

नूतन शक्ति का संचार करें

स्वयं का का उत्थान करें

मानव मात्र का कल्याण करें।


सूर्य की स्फुटित किरणों से

स्वयं की जागृत शक्ति से

निज कर्म एवं अभिव्यक्ति से

मानव की सेवा भक्ति से।


एक नया सोच एक नया पहर

एक नया सवेरा एक नया कलेवर

लायें मुस्कान हर चेहरे पर

प्रेम वातस्लय का भाव प्रकट कर।


स्वार्थ का त्याग करें

परमार्थ का कार्य करें

जन जन मिल यह प्रण करें

मानवता का कर्म करें।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational