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Neha Yadav

Abstract

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Neha Yadav

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मां

मां

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मां का प्रेम बहुत अलौकिक है

भीड़ में भी तेरे आने की

आहट मिल जाती है मां।


तेरे आने से जो दिल का सुकून है

बहुत ही अद्वितीय है मां।


तेरे बिना तो जीवन की

कल्पना ही नहीं है मां

तेरी हर बात सच्ची है मां।


मनमोहक, सुंदर तेरी छवि है मां

तू तो ममता का स्वरूप है मां।


हम तेरा प्रतिरूप है मां

मां से ही है जगत का द्वार 

जो चाहे कर लो विस्तार।


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