STORYMIRROR

Dr.Shree Prakash Yadav

Abstract Inspirational Others

3  

Dr.Shree Prakash Yadav

Abstract Inspirational Others

माँ सिर्फ माँ हो तुम

माँ सिर्फ माँ हो तुम

1 min
11.7K

माँ !

सिर्फ माँ हो तुम।

तूने, 

मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा

काली माई एवं डिह बाबा

टेकी, सभी जगह माथा

और मांगीं दुआएं

सिर्फ मेरी सलामती की।


अपने,

खाई रूखा-सूखा और बासी

हमें, 

खिलाई ताजा-तरीन रोटी मलाई।


करूं मैं माँ तेरा वंदन अभिनंदन

नहीं कोई भाषा एवं कलम है सक्षम

करे जो आपका अभिनंदन।


माँ सिर्फ माँ हो तुम

यही मेरा बारंबार अभिनंदन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract