Sudhir Srivastava
Abstract
जो कहा तब आपने
मैंने क्यों समझा
खुलकर तभी सामने।
-
है लगन लगी तुमसे
ऐ कान्हा मेरे
प्रीत बढ़ाओ मुझसे।।
(पहले प्रयास पर मार्गदर्शन दीजिए)
दर्द भला वो क...
माता-पिता की ...
चौपाई छंद - म...
आरंभ करते हैं...
चौपाई -मूल
चौपाई - मनोरथ
आयकू
फायकू- युद्ध ...
कुण्डलिया
गीतिका
जब कुछ भी न शेष बचेगा, हमारा आपका इतिहास भला तब कौन पढ़ेगा ? जब कुछ भी न शेष बचेगा, हमारा आपका इतिहास भला तब कौन पढ़ेगा ?
कब क्या करेगा हमने तो अपने दिल एक अच्छी सी छवि बनाई है कब क्या करेगा हमने तो अपने दिल एक अच्छी सी छवि बनाई है
बहुत पैसा है माना मगर क्या खोये हुए दोस्त खरीद सकते हो, बहुत पैसा है माना मगर क्या खोये हुए दोस्त खरीद सकते हो,
मुस्कुराई महिला ऐसे, जैसे दौलत है कुछ पा लिया। मुस्कुराई महिला ऐसे, जैसे दौलत है कुछ पा लिया।
पीड़ा भरे दिन के बाद वो सुहानी रात होती है। पीड़ा भरे दिन के बाद वो सुहानी रात होती है।
समुद्रीतट पास ही एंटोनी रूडोल्फ मैव्यु ये चित्रकारी रच रहे थे। समुद्रीतट पास ही एंटोनी रूडोल्फ मैव्यु ये चित्रकारी रच रहे थे।
मेरी फरियाद पर भी तनिक तो ध्यान दे दो। मेरी फरियाद पर भी तनिक तो ध्यान दे दो।
तुम सब तन में प्रेम खोज रहे हो मेरा उनका प्रेम तो हृदय से हृदय में बहेगा तुम सब तन में प्रेम खोज रहे हो मेरा उनका प्रेम तो हृदय से हृदय में बहेगा
तो हमारा अचेतन पुरुष है। उन दोनों में एक मिलन चल रहा है। तो हमारा अचेतन पुरुष है। उन दोनों में एक मिलन चल रहा है।
जिसने करी मेहनत, वो तो किस्मत को भी हरा जाता है। जिसने करी मेहनत, वो तो किस्मत को भी हरा जाता है।
विश्वास एक एहसास है जो खुद से होता है, विश्वास आप कर भी किसी पर तभी सकते, विश्वास एक एहसास है जो खुद से होता है, विश्वास आप कर भी किसी पर तभी सकते,
तो ताने ही तुम्हारी कमाई हैं, और तुम एक अनपढ़ ही अच्छी थी ! तो ताने ही तुम्हारी कमाई हैं, और तुम एक अनपढ़ ही अच्छी थी !
कभी-कभी अपने आप में खुश रहो छोटी-सी तो ज़िंदगी है, हर हाल में खुश रहो। कभी-कभी अपने आप में खुश रहो छोटी-सी तो ज़िंदगी है, हर हाल में खुश रहो।
कहे "सुधीरा" मैं तुम्हारे काले-सफेद हर रंग को गले लगाती हूँ। मैं हर महीने भीग जाती हूँ कहे "सुधीरा" मैं तुम्हारे काले-सफेद हर रंग को गले लगाती हूँ। मैं हर महीने भीग...
राम की ही विरह अग्नि में तपा मैं राम को ही हृदय में धारण किए अब जा रहा सुरधाम को... राम की ही विरह अग्नि में तपा मैं राम को ही हृदय में धारण किए अब जा रहा सुरधा...
मां मुझे तेरी एक एक बात याद आती है। मां मुझे तेरी एक एक बात याद आती है।
दशकों से जो झेला इनको इन्हें अच्छा सबक सिखायेगी। दशकों से जो झेला इनको इन्हें अच्छा सबक सिखायेगी।
और ये सम्मान और लिहाज की दीवारें इतनी बड़ी हो चुकी है कि इनसे पार पाना लगभग नामुमकिन हो और ये सम्मान और लिहाज की दीवारें इतनी बड़ी हो चुकी है कि इनसे पार पाना लगभग नामु...
प्राप्ति एक साथ तो शायद मेरी दृष्टि में सम्भव नहीं हो सकते। प्राप्ति एक साथ तो शायद मेरी दृष्टि में सम्भव नहीं हो सकते।
मेरे घर की हर दीवार हर कोना कोना मुझसे कुछ न कुछ जरुर कहता है।। मेरे घर की हर दीवार हर कोना कोना मुझसे कुछ न कुछ जरुर कहता है।।