Sreemanthula Manorama Jyotshna
Crime Others
क्यों क्यों
क्या है वजह
क्या है मेरा गुनाह
सहती हूॅं इसलिए
हर महीना रक्त बहती हूॅं इसलिए
निर्भया और दिसा तो दूर
कुत्तों को भी नहीं छोड़ा है तू क्रूर।
धरती माँ
अक्रम
प्यार
लड़की
नेता हो या हो अधिकारी पद हर जगह फैला भ्रष्टाचार है, नेता हो या हो अधिकारी पद हर जगह फैला भ्रष्टाचार है,
मिट्टी भी देश की हा-हाकार कर उठी, बच्ची को तिल-तिल मरते जब देखा... मिट्टी भी देश की हा-हाकार कर उठी, बच्ची को तिल-तिल मरते जब देखा...
ना मिलेगा वरदान हमें मोमबत्ती जलाने से ना आएँगे कृष्ण नीचे द्रौपदी को बचा ने। ना मिलेगा वरदान हमें मोमबत्ती जलाने से ना आएँगे कृष्ण नीचे द्रौपदी को बचा ने...
अपराध मुक्त भारत के लिए इन्हें अपने घर में बैठाना होगा। अपराध मुक्त भारत के लिए इन्हें अपने घर में बैठाना होगा।
आदत सी हो गयी है अबनज़रअंदाज़ करने की.. आदत सी हो गयी है अबनज़रअंदाज़ करने की..
उन गलियों से गुजरना जहाँ मुस्कान ने उन्हें कभी अपना माना ना उन गलियों से गुजरना जहाँ मुस्कान ने उन्हें कभी अपना माना ना
अकसर देखा गया है उन हैवानों को करते है खुले आम अपराध अकसर देखा गया है उन हैवानों को करते है खुले आम अपराध
इन पर हमारी पैनी न, सही मगर नज़र तो बनी ही रहती है ! इन पर हमारी पैनी न, सही मगर नज़र तो बनी ही रहती है !
लड़की ने ठुकरा दिया राजा का प्यार राजा के प्रतिशोध को दिया ललकार लड़की ने ठुकरा दिया राजा का प्यार राजा के प्रतिशोध को दिया ललकार
खून खौल उठता है मेरा, आँख से आंसू बहते है एक बच्ची की स्मिता लुटी है, कैसे हम सब चुप बैठे है? ... खून खौल उठता है मेरा, आँख से आंसू बहते है एक बच्ची की स्मिता लुटी है, कैसे हम स...
नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं। नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं।
ज्ञान चक्षु खोल के पराई केंद्र आग में तपे सोना कुंदन बन जग झोली भरे गैर ! ज्ञान चक्षु खोल के पराई केंद्र आग में तपे सोना कुंदन बन जग झोली भरे...
हे ईश्वर, तू है ? हे ईश्वर, तू है ?
मैंने लक्ष्मण रेखा कितनी ही खींची संस्कारों की पाप के पुष्पक पर चला गया इज्जत की अर्थी मैंने लक्ष्मण रेखा कितनी ही खींची संस्कारों की पाप के पुष्पक पर चला गया इज्जत...
खुले अम्बर में उड़ने दो, डरती हूं बाहर आने से , मां मुझे कोख में ही रहने दो। खुले अम्बर में उड़ने दो, डरती हूं बाहर आने से , मां मुझे कोख में ही रहने द...
उसके बाद ऐसा कौन सा आरोप होगा, जिसे कालिक बनाकर तुम्हारे चरित्र पर न पोता जाएगा? उसके बाद ऐसा कौन सा आरोप होगा, जिसे कालिक बनाकर तुम्हारे चरित्र पर न पोता जाएगा?
'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक मिला अंजाम।' न्याय ... 'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक...
मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल में पूरे विश्व को स... मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल...
अंत ना करो बेदर्दी से आने दो इस जग में छाने दो इस जग में। अंत ना करो बेदर्दी से आने दो इस जग में छाने दो इस जग में।
न्यायालय को दाग लगाने वाले जब तक जिंदा हैं तब तक हम हाथों में ज्वाला लेकर भी शर्मिंदा न्यायालय को दाग लगाने वाले जब तक जिंदा हैं तब तक हम हाथों में ज्वाला लेकर...