Sreemanthula Manorama Jyotshna
Crime Others
क्यों क्यों
क्या है वजह
क्या है मेरा गुनाह
सहती हूॅं इसलिए
हर महीना रक्त बहती हूॅं इसलिए
निर्भया और दिसा तो दूर
कुत्तों को भी नहीं छोड़ा है तू क्रूर।
धरती माँ
अक्रम
प्यार
लड़की
शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा। शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा।
हर बार की तरह इस बार भी विफल पुरुषत्व की नकेल कसने में असफल ! हर बार की तरह इस बार भी विफल पुरुषत्व की नकेल कसने में असफल !
इंसानियत का इंसानियत से भरोसा उठ गया रोज़ रोज़ लड़ती है और हार जाती है जिंदगी। इंसानियत का इंसानियत से भरोसा उठ गया रोज़ रोज़ लड़ती है और हार जाती है ...
फिर फैलेगी तुम्हारी पुष्ट शाखाएँ फिर होगा तुममें स्फूर्ति का संचार फिर फैलेगी तुम्हारी पुष्ट शाखाएँ फिर होगा तुममें स्फूर्ति का संचार
किसके दम पर दबंगई करता है। किसके दम पर दबंगई करता है।
कितने बेपरवाह हो गए ! क्या थे कल हम आज क्या हो गए ! कितने बेपरवाह हो गए ! क्या थे कल हम आज क्या हो गए !
उन सज्जन लोगों से मैं पूछता हूँ की तुम्हारे बाज़ार में मेरी कीमत ही क्या है? उन सज्जन लोगों से मैं पूछता हूँ की तुम्हारे बाज़ार में मेरी कीमत ही क्या है?
बढ़ रही है नफ़रतों की सरहदें, हम फकत करते रहे बर्दाश्त क्या! बढ़ रही है नफ़रतों की सरहदें, हम फकत करते रहे बर्दाश्त क्या!
हे भगवान ! अब आप ही न्याय करो, ये दर्द अब और सहा न जाए हे भगवान ! अब आप ही न्याय करो, ये दर्द अब और सहा न जाए
मैं आम आदमी हूँ, किसी की बहन को बहन नहीं मानता, मैं आम आदमी हूँ, किसी की बहन को बहन नहीं मानता,
फूलों को यूं तोड़ना मरोड़ना तो जमाने की पुरानी सी आदत है। फूलों को यूं तोड़ना मरोड़ना तो जमाने की पुरानी सी आदत है।
जला दे उन हाथों को, जिसने फूंके तेरे पंख हैं जला दे उन हाथों को, जिसने फूंके तेरे पंख हैं
दहेज लोभी संसार में, दहेज की भेंट चढ़ी थी, न्याय यहां मिलेगा नहीं, सो ईश्वर के दरबार ग दहेज लोभी संसार में, दहेज की भेंट चढ़ी थी, न्याय यहां मिलेगा नहीं, सो ईश्वर क...
माँ तो अपना फर्ज निभा रही थी पर इंसान ने कौन सा फर्ज निभाया माँ तो अपना फर्ज निभा रही थी पर इंसान ने कौन सा फर्ज निभाया
अधमरा, फिर उन महान वीरों ने कर दिया। अधमरा, फिर उन महान वीरों ने कर दिया।
इसलिए वो यह सब करता है वो ये सब कर सकता है। क्योंकि वो पुरुष है। इसलिए वो यह सब करता है वो ये सब कर सकता है। क्योंकि वो पुरुष है।
कैसे करते हैं दुनिया वाले खुद को बेमिसाल, हमें तो तुम बदनाम ही रहने दो कैसे करते हैं दुनिया वाले खुद को बेमिसाल, हमें तो तुम बदनाम ही रहने दो
बहते रहना चाहिए उसे सड़ांध मारती लोकतंत्र की लहूलुहान लाश पर ? बहते रहना चाहिए उसे सड़ांध मारती लोकतंत्र की लहूलुहान लाश पर ?
लड़के की चाह उसे सोचने से जंजीर डाला जी हाँ मुझे लड़का चाहिए। लड़के की चाह उसे सोचने से जंजीर डाला जी हाँ मुझे लड़का चाहिए।
ज़ो भी नज़ारे होते हैं उन नजरों में हो जाते हैं सब बेकार, हो जाते हैं सब बेकार। ज़ो भी नज़ारे होते हैं उन नजरों में हो जाते हैं सब बेकार, हो जाते हैं सब बेकार...