Sreemanthula Manorama Jyotshna
Crime Others
क्यों क्यों
क्या है वजह
क्या है मेरा गुनाह
सहती हूॅं इसलिए
हर महीना रक्त बहती हूॅं इसलिए
निर्भया और दिसा तो दूर
कुत्तों को भी नहीं छोड़ा है तू क्रूर।
धरती माँ
अक्रम
प्यार
लड़की
राजनीति में हर कोई होशियार हैं, हर नेता चोरी करने को तैयार हैं, तब क्या चोरी करना सही बात है II राजनीति में हर कोई होशियार हैं, हर नेता चोरी करने को तैयार हैं, तब क्या चोरी क...
सुनो ! अब क्या राज़ है इस कत्ल ए दास्तां का कातिल दो नहीं, तीन थे एक "नन्हीं" जां का। सुनो ! अब क्या राज़ है इस कत्ल ए दास्तां का कातिल दो नहीं, तीन थे एक "नन्हीं" ...
कभी दहेज, रिवाजों का, कभी जबरदस्ती कभी बलात्कार का शिकार बनाया जाता है कभी दहेज, रिवाजों का, कभी जबरदस्ती कभी बलात्कार का शिकार बनाया जाता है
जीवन में अगर खुश रहना है कभी रूप न अपना बदलना है । जीवन में अगर खुश रहना है कभी रूप न अपना बदलना है ।
बेची किताबें तब रोटी लाया, पर छोटी को नहीं दूध मिला। बेची किताबें तब रोटी लाया, पर छोटी को नहीं दूध मिला।
एक छोटे से वायरस ने, यूँ कर दी तालाबंदी है.. एक छोटे से वायरस ने, यूँ कर दी तालाबंदी है..
आज किसी का बन जाता है तो कल होता तेरा कहीं और ठिकाना आज किसी का बन जाता है तो कल होता तेरा कहीं और ठिकाना
आखिर इन शब्दों को ही क्यों बनाया ? दुनिया को कैसे बनाया है, आखिर इन शब्दों को ही क्यों बनाया ? दुनिया को कैसे बनाया है,
पढ़ाई-लिखाई बेकार जिन्दगी तबाह कर लेतें हैं। पढ़ाई-लिखाई बेकार जिन्दगी तबाह कर लेतें हैं।
कभी था पराये फिरंगियों का क़ातिलाना दौर, आज है अपने ही बाशिंदों का ज़ालिमाना दौर कभी था पराये फिरंगियों का क़ातिलाना दौर, आज है अपने ही बाशिंदों का ज़ालिमाना दौ...
झूठ के खिलाफ आवाज उठाना चाहता हूँ, मैं अपने विचारों को आजादी देना चाहता हूँ। झूठ के खिलाफ आवाज उठाना चाहता हूँ, मैं अपने विचारों को आजादी देना चाहता हूँ।
दुल्हन की तरह है सजाया गया सोलह सिंगार पूरा कराया गया। दुल्हन की तरह है सजाया गया सोलह सिंगार पूरा कराया गया।
कल तक जिसकी अहमियत नहीं थी, आज उसकी कमी खल रही है। कल तक जिसकी अहमियत नहीं थी, आज उसकी कमी खल रही है।
थर्राती सांसें उसकी अटक जाती हैं, जब भी किसी बाज को वे पटक जाती हैं थर्राती सांसें उसकी अटक जाती हैं, जब भी किसी बाज को वे पटक जाती हैं
सब प्रथा लड़कियों के लिए ही बनी है तो इससे अच्छा है कि उन्हें मार डालो। सब प्रथा लड़कियों के लिए ही बनी है तो इससे अच्छा है कि उन्हें मार डालो।
अगर बेटा काबू से बाहर है तो गलती मां बाप की है। अगर बेटा काबू से बाहर है तो गलती मां बाप की है।
कन्याओं की कमी कर क्या दुराचार बढ़ाओगे ? कन्याओं की कमी कर क्या दुराचार बढ़ाओगे ?
बता कब लौट के आता है ? भला कब लौट के आता हैं। बता कब लौट के आता है ? भला कब लौट के आता हैं।
भगवान भरोसे बैठने से सफलता कभी मिल सकती नहीं। भगवान भरोसे बैठने से सफलता कभी मिल सकती नहीं।