Sreemanthula Manorama Jyotshna
Crime Others
क्यों क्यों
क्या है वजह
क्या है मेरा गुनाह
सहती हूॅं इसलिए
हर महीना रक्त बहती हूॅं इसलिए
निर्भया और दिसा तो दूर
कुत्तों को भी नहीं छोड़ा है तू क्रूर।
धरती माँ
अक्रम
प्यार
लड़की
शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा। शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा।
वो दर्द की रात थी... तेज बरसात थी... वो दर्द की रात थी... तेज बरसात थी...
मैं फिर भी पूरी निर्लज्जा से यह क्षमा याचना लिखता हूं , मैं फिर भी पूरी निर्लज्जा से यह क्षमा याचना लिखता हूं ,
अब तुम ही, कह दो छः महीने, की है उसका, क्या छिपा लूँ...! अब तुम ही, कह दो छः महीने, की है उसका, क्या छिपा लूँ...!
नहीं जिंदगी है सँवारी किसी की । निजी ही बनाने जलाने लगे हैं॥ नहीं जिंदगी है सँवारी किसी की । निजी ही बनाने जलाने लगे हैं॥
जिस दिन मन भर जाना उसका, गिन लेगा बेकारों में। जिस दिन मन भर जाना उसका, गिन लेगा बेकारों में।
मैं आम आदमी हूँ, किसी की बहन को बहन नहीं मानता, मैं आम आदमी हूँ, किसी की बहन को बहन नहीं मानता,
हर रोज स्याह होती जा रही, व्यथाओं की तस्वीर उसकी...! हर रोज स्याह होती जा रही, व्यथाओं की तस्वीर उसकी...!
मैं हतप्रभ हूँ, इन उग्र विचारों के बवंडर से, मैं हतप्रभ हूँ, इन उग्र विचारों के बवंडर से,
माँ तो अपना फर्ज निभा रही थी पर इंसान ने कौन सा फर्ज निभाया माँ तो अपना फर्ज निभा रही थी पर इंसान ने कौन सा फर्ज निभाया
मां पापा की गुड़िया खुशियाँ सारी छिन ली मां पापा की गुड़िया खुशियाँ सारी छिन ली
इसलिए वो यह सब करता है वो ये सब कर सकता है। क्योंकि वो पुरुष है। इसलिए वो यह सब करता है वो ये सब कर सकता है। क्योंकि वो पुरुष है।
याद रख जिस दिन औरत ने अपने हथियार उठा लिए उस दिन तू जीवित भी न बच पाएगा।। याद रख जिस दिन औरत ने अपने हथियार उठा लिए उस दिन तू जीवित भी न बच पाएगा।।
महाराणा प्रताप ने बल मैदान में दिखाया था भयंकर युद्ध के लिए रणनीतियों को बनाया महाराणा प्रताप ने बल मैदान में दिखाया था भयंकर युद्ध के लिए रणनीतियों को बनाय...
आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते हैं। आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते ह...
कभी धन की ताकत से तो कभी बल की ताकत से रचते अपनी कहानियाँ, कभी धन की ताकत से तो कभी बल की ताकत से रचते अपनी कहानियाँ,
बहते रहना चाहिए उसे सड़ांध मारती लोकतंत्र की लहूलुहान लाश पर ? बहते रहना चाहिए उसे सड़ांध मारती लोकतंत्र की लहूलुहान लाश पर ?
हरी पत्तेदार बाजार में मिले, सब्जियां मन को लुभाती हैं। हरी पत्तेदार बाजार में मिले, सब्जियां मन को लुभाती हैं।
मेरी चीख भी किसी को सुनाई नहीं दी मां बहुत दर्द में थी मैं मेरी चीख भी किसी को सुनाई नहीं दी मां बहुत दर्द में थी मैं
बसंत कुमार और विजय मौर्य ने दुश्मन के खट्टे दांत किए बसंत कुमार और विजय मौर्य ने दुश्मन के खट्टे दांत किए