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अजय पटनायक

Classics

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अजय पटनायक

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लावणी छंद

लावणी छंद

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जन्म दिया जिसने सबको उस,

माँ को शत शत प्रणाम है।

कर्ज चुकाना है हमको अब,

जिसने दिलाया नाम है।।


माँ ममता की मूरत जानो,

सबके दुख को निवारती।

पीकर आँसू खुश रहती है,

सबके मन को सँवारती।


देवी का है रूप सुनो तुम,

समझ लो चारो धाम है।

जन्म दिया जिसने सबको उस,

माँ को शत शत प्रणाम है।


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