क्या किया क्या नहीं किया सरकार ने
क्या किया क्या नहीं किया सरकार ने
क्या किया सरकार ने,
क्या नहीं किया सरकार ने---?
समय नष्ट ना कर, सोच विचार में।
जो बीत गई सो बात गई
बीत आज की भी
अँधियारी रात गई।
आज है अपने पास केवल बेदर्दी हालात हैं
उखड़ रहे, अपनों के ही साँस हैं।
कोरोना ललकार है, प्रतिकार है
जिंदगियाँ इसके आगे
बेबस और लाचार हैं।
कोरोना विनाशक महामारी, एक जंग है
जी जान से लड़ो, मेरे दिलबरों
विजय पताका हमें फहरानी है
हरेक जान हमारे लिए कीमती
और हर चेहरा नूरानी हैं।
नियमों की ना कर अवमानना
हिम्मत से, डटकर कर इसका सामना।
भले ही हर रूह, जिस्म को यह छूता है
पर जंग, अभी यह भी कहाँ जीता है।
इसकी जीत का ना इंतजार कर
हिंद की सेना अपनी तैयार कर
मानवता की डगर पर उपकार कर
सेवा भावना को स्निग्ध ह्रदय से स्वीकार कर।
मानव और मानवता का मान कर
इंसान और इंसानियत को महान कर
विपदा की इस कठिन घड़ी में
कायम अपनी कुछ अलग पहचान कर।
अभी न सोच-विचार कर
क्या किया सरकार ने
क्या नहीं किया---?
