STORYMIRROR

Dr. Nidhi Priya

Abstract

3  

Dr. Nidhi Priya

Abstract

क्या कहाँ और किसलिए

क्या कहाँ और किसलिए

1 min
348

किस दौड़ में लगे हैं हम

किस बात का है डर

मंज़िल कहाँ है कुछ हमें

आता नहीं नज़र


क्या चाहिए हमें भला

किसका ख़याल है

किस बात से है खुशी

किसका मलाल है


क्या हो रहा है उसका भी

कुछ है नहीं असर

मंज़िल कहाँ है कुछ हमें

आता नहीं नज़र


कैसे चलें कि राह में

काँटे हजा़र हैं

कब तक चलें कि मुश्किलें

सर पर सवार हैं


इस दर्द भरी दुनिया में

कैसे करें बसर

मंज़िल कहाँ है कुछ हमें

आता नहीं नज़र


किस मोड़ पर रुके थे हम

किस मोड़ से चले

जाने कब सवेरा हो

कब रात ये ढले


आए कहाँ से किसलिए

जाएँगे अब किधर

मंज़िल कहाँ है कुछ हमें

आता नहीं नज़र


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract