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Ramanpreet -

Abstract

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Ramanpreet -

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क्या अधूरा - क्या पूरा

क्या अधूरा - क्या पूरा

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आज अरमान अधूरे हैं 

लेकिन दर्द पूरा है

चाहे कोई शख्स अधूरा है 

पर उसका अक्स तो पूरा है

उम्मीद का दामन छूट रहा है

फिर भी यकीन नहीं टूट रहा है

तेरे वजूद के निशान भी खो गये है 

लेकिन मैं तेरी यादों की निशानियाँ सहेज रही हूँ 

शायद जीने की वजह बदल रही है

पर आज ज़िंदगी मौत को मचल रही है



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