STORYMIRROR

P.purabi Mohanty ପି.ପୁରବୀ ମହାନ୍ତି

Classics

4  

P.purabi Mohanty ପି.ପୁରବୀ ମହାନ୍ତି

Classics

कविता - मन से बोलो #सीधी बात

कविता - मन से बोलो #सीधी बात

1 min
275

अच्छा ना लगे तो बोल देती हूं

किसी को चोट लगे तो

जान बूझ करने का इल्ज़ाम भी लेती हूं

सीधी बात


कहूं तो क्या हरकत है,

लड़की है

पर तरीका तो देखो

ना कहूं तो गूंगी क्या

बोलना भी नहीं आया

सीधी बात

मन खराब नहीं सच्चा है

इसी लिए दूसरों की तरह

पीछे नहीं बोलती

विचार नेक है इसी लिए जान बूझ कर

नहीं करती


विचार खराब होता तो

ना बोले पीछे से वार करती

सामने मैं हूं तो सामना करूंगी

अच्छा हो या बुरा फिक्र करूंगी


रिश्ता निभाना है दिल से

इसी खातिर सीधी बोलूंगी

पीछे बोलकर अच्छी वाह वाह नहीं चाहिए

तुम्हारे अच्छे के लिए सामने में बुरा ही सही

पर मैं जरूर बोलूंगी सीधी बात।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics