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ऋता शेखर 'मधु'(Rita)

Inspirational

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ऋता शेखर 'मधु'(Rita)

Inspirational

कुण्डलिया

कुण्डलिया

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बालक हो या बालिका, दोनों हैं अभिमान।

एकरूप शिक्षा मिले, इतना रखिए ध्यान।।


इतना रखिए ध्यान, पुष्ट हो जाएँ तन से।

नज़रों से सम्मान, शिष्टता छलके मन से।


ऋता कहे यह बात, वही है अच्छा पालक।

सदा रखे समभाव, बालिका हो या बालक।।1


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