STORYMIRROR

ऋता शेखर 'मधु'(Rita)

Inspirational

3  

ऋता शेखर 'मधु'(Rita)

Inspirational

कुण्डलिया

कुण्डलिया

1 min
144

बालक हो या बालिका, दोनों हैं अभिमान।

एकरूप शिक्षा मिले, इतना रखिए ध्यान।।


इतना रखिए ध्यान, पुष्ट हो जाएँ तन से।

नज़रों से सम्मान, शिष्टता छलके मन से।


ऋता कहे यह बात, वही है अच्छा पालक।

सदा रखे समभाव, बालिका हो या बालक।।1


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational