STORYMIRROR

Bhoop Singh Bharti

Inspirational

4  

Bhoop Singh Bharti

Inspirational

कुंडलिया : भीमराव की म्हेर

कुंडलिया : भीमराव की म्हेर

1 min
297

सुविधा सारी ये करै, खुद सुविधा सै दूर।

बेगारी की मार ये, घणी सहै  मजदूर।

घणी सहै मजदूर, बड़े किस्मत के मारे।

लगे रहै दिन रैन, काम ये करते सारे।

भीमराव की म्हेर, मेट दी इणकी दुविधा।

दिन म्ह घंटे आठ, काम की देकै सुविधा।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational