STORYMIRROR

Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Inspirational

3  

Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Inspirational

कश्ती

कश्ती

1 min
281

उम्मीदों की कश्ती में,

निरन्तर बहते जाना है।

लहरों से टकराकर ही,

मंज़िल हमें पाना है।।

मौसम के रुख़ से हमें,

कभी नहीं घबराना है।

कभी शिखा, कभी शिकस्त,

दोनों में ही मुस्कुराना है।।


चाँद जब चंचल होता है,

लहरें भी इठलाती है।

हमारी कश्ती भी ऐसे में,

ख़ूब हिचकोलें खाती है।।

संयम और सबर का,

इम्तिहान हमें तब देना है।

कुछ वक़्त बस तब हमको,

बीत जाने देना है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational