STORYMIRROR

Sunayana Borude

Romance

3  

Sunayana Borude

Romance

कशिश

कशिश

1 min
282

इक कशिश से हो तुम

के प्यार का ये सिलसिला खत्म नही होता

गुजर जाती है सारी सारी रात करवटो मे

पर यादो का ये सिलसिला खत्म नही होता..

एक जुनून से हो तुम

के तेरे प्यार का मकसद खतम नही होता.

दीदार कर के भी तरसू मैं

तेरे इन्तजार का सिलसिला खत्म नही होता।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance