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Lakshman Jha

Inspirational


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Lakshman Jha

Inspirational


“ करवाँ “

“ करवाँ “

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बहुत देर रुक गए ,

कमर कस के रणक्षेत्र

में उतर जाएंगे !

अपने अधिकारों को पाना

भला कौन रोक सकता है ?

अब तो हमें चलना होगा

आगे बढ़ना होगा !

हमें रुकावटों के सीने को

फाड़ सुगम रास्ते

बना के आगे बढ़ना है !

प्रभातफेरी के प्रक्रियाओं

से लोग जुटते जाएंगे ,

हम अकेले ही नहीं

कारवाँ की सशक्त

प्रतिध्वनियाँ दसों -दिशाओं

में गूँजेंगी और

थरथराएगी अराजकतायें !!

कुशासन और अव्यवस्था

असहिष्णुता ,गरीबी

अत्याचार की रूहें

काँपेंगी घबड़ाएगी !!

एकजुट ,एकता और

संकल्प से देश को है

त्राण मिलता है !

संगठित करवाँ के एक

धुन पर देश

बलवान बनता है !!


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