Rekha Verma
Classics
होली आई रे कन्हाई
सब और रंग बरसे
तुझे देखने को राधिका रानी
नयनन से अधीर हो तरसे
अब देर ना करो कृष्ण कन्हाई
भोरी भोरी व्याकुल राधा को
गले लगा कर रंग मलो।
विलेन
मैं ना कहूं अ...
औरत
पिया का खत
वह लड़की है क...
तुम्हारी सूरज...
मेरी माँ
ओ बिल्लो रानी
मत पड़ो विवाद...
विधवा पुनर्वि...
कुछ सुनहरे लम्हे, कुछ अनकही शब्द, तथ्य है यह अनोखे प्रेम के कुछ सुनहरे लम्हे, कुछ अनकही शब्द, तथ्य है यह अनोखे प्रेम के
नाव दबी आधी झील की बर्फ़ के नीचे, दर्शा रही अनुपम कलाकारी कलाकार की, नाव दबी आधी झील की बर्फ़ के नीचे, दर्शा रही अनुपम कलाकारी कलाकार की,
कहीं ऐसा तो नहीं कि आयेंगें निकल मज़हर अली स्वंय इस जीवन्त पेंटिंग से बाहर….? कहीं ऐसा तो नहीं कि आयेंगें निकल मज़हर अली स्वंय इस जीवन्त पेंटिंग से बाहर….?
तुम्हारे प्यार से रंगे हुए वो पल दुबारा चाहिए। तुम्हारे प्यार से रंगे हुए वो पल दुबारा चाहिए।
यह जन्म विफल न जाएगा अगला जन्म भी सफल हो जाएगा। यह जन्म विफल न जाएगा अगला जन्म भी सफल हो जाएगा।
देशी वैश्वीकरण पतन के खिलाफ, तेज आवाज उठाई। देशी वैश्वीकरण पतन के खिलाफ, तेज आवाज उठाई।
न कष्टों से भाग न सुख में रम बस कर्म कर, कर्म कर, कर्म कर। न कष्टों से भाग न सुख में रम बस कर्म कर, कर्म कर, कर्म कर।
भिक्षुक हो या भूप यहाँ समय से भला बडा है कौन समय का घोड़ा दौड़ चला है। भिक्षुक हो या भूप यहाँ समय से भला बडा है कौन समय का घोड़ा दौड़ चला ...
मेरे पास नहीं है अब वो ये सोच कर रोई... आज फिर वो लाल जोड़े में नजर आई... मेरे पास नहीं है अब वो ये सोच कर रोई... आज फिर वो लाल जोड़े में नजर आई...
प्यार, सम्मान और आपसी विश्वास का है ये बंधन। प्यार, सम्मान और आपसी विश्वास का है ये बंधन।
हाल ही में हुई नीलामी सीताराम के जलरंगों की, बढ़ी क़ीमत जिसकी 6900 यूरो तक।। हाल ही में हुई नीलामी सीताराम के जलरंगों की, बढ़ी क़ीमत जिसकी 6900 यूरो तक।।
जीवन होता धूमिल असत्य यही तो जीवन मंत्र हुआ अब मेरा मन भी संत हुआ। जीवन होता धूमिल असत्य यही तो जीवन मंत्र हुआ अब मेरा मन भी संत हुआ।
कैसे तड़पा होगा, चिल्लाया भी होगा, परंतु सुनने कौन आया होगा। कैसे तड़पा होगा, चिल्लाया भी होगा, परंतु सुनने कौन आया होगा।
फिर सोचा कि मेरे लिए तुम दिल के रास्ते खोल गयी। फिर सोचा कि मेरे लिए तुम दिल के रास्ते खोल गयी।
आया पर्शिया से मैं भारत पेड़ में चिनार का कहलाता हूं....! आया पर्शिया से मैं भारत पेड़ में चिनार का कहलाता हूं....!
जिस तस्वीर पर तुम्हारे रंग वो कला तुम हो। जिस तस्वीर पर तुम्हारे रंग वो कला तुम हो।
जलन, तपन, उससे पूछो जिसका सब कुछ जला। जलन, तपन, उससे पूछो जिसका सब कुछ जला।
यतीम न बनें ये धरती और न ही कोई ज़रा बिलखे, सबके दिलों को वफ़ा की चाँदनी से नहलाया जाए यतीम न बनें ये धरती और न ही कोई ज़रा बिलखे, सबके दिलों को वफ़ा की चाँदनी से न...
ज़ब कीचड़ में कोई एक पैर फिसले तो, दूसरा पैऱ जमीं पर कसकर जमाए रखना। ज़ब कीचड़ में कोई एक पैर फिसले तो, दूसरा पैऱ जमीं पर कसकर जमाए रखना।