STORYMIRROR

Neerja Sharma

Abstract

3  

Neerja Sharma

Abstract

कर्मफल

कर्मफल

1 min
409

कर्म

जीवन

चलाने हेतु

करता इंसान कर्म 

कभी सत् करे कभी असत्

पता चलता जब आता कर्म परिणाम।

अजब विडम्बना देखी इंसान की 

कर्मफल अच्छा हो इतराए 

बुरे पर प्रभुदोष जताए

नहीं सोचता इंसा

कर्मों का फल 

यहीं भोग 

जाना है।

नासमझी 

तो देखो इंसा की 

बड़ी आसानी स्वार्थ सिद्ध

कर्मों को पूर्व जन्म फल कह डाल टाले।

अच्छे फल को मेहनत फल माने 

जब न हो कुछ उसकी मर्ज़ी 

तो मुंह से बुरा भला कहा

कर्म हमें जीना सिखाते

अच्छी राह ले जाते

बस सोच बदल 

प्रभु विश्वास

करो सत् 

कर्म।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract