कर्मा का विछोड़ा...
कर्मा का विछोड़ा...
वियोग की आग में जलना लिखा है।
जो नसीब में था वो दर्द सहना ही पड़ा,
ना चाहकर भी तुमसे दूर जाना ही पड़ा।
किस्मत ने हमें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है।
हाथों में रह गई बस कर्मा की ज़बरदस्ती।
