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Nisha Mandani Menda

Abstract Others

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Nisha Mandani Menda

Abstract Others

कर्मा का विछोड़ा...

कर्मा का विछोड़ा...

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कर्मा ने हिस्से में विछोड़ा लिखा है,
वियोग की आग में जलना लिखा है।
जो नसीब में था वो दर्द सहना ही पड़ा,
ना चाहकर भी तुमसे दूर जाना ही पड़ा।

शिकवा है खुद से, खुदी से गिला है,
दूर ही सही तुमसे नाता तो जुड़ा है l
वक़्त ने भी कैसा ज़ख्म दिया है,
किस्मत ने हमें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है।

धुंधली सी राहें हैं, खामोश हैं कश्ती,
ढूंढती फिर आंखें वो यादों की बस्ती l
हम चाहकर भी तकदीर को बदल ना सके,
हाथों में रह गई बस कर्मा की ज़बरदस्ती।


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