Chanchal Chauhan
Children
कोयल रानी हैं प्यारी,
मधुर गीत सुनाने वाली,
बोली बड़ी सुहानी,
चित चोर हैं मसतानी,
डाल डाल पर बैठे रानी,
सबका दिल खुश रखती रानी,
कू कू बागों में गूजे बानी,
जंगल की वो हैं रानी,
सबको जग को अपना बनाने वाली।
जिंदगी एक पहे...
कोयल रानी
रंगों की होली...
जीवनदान
नन्हीं सी चिड...
दिल मेरा हुआ ...
अलबेला फूल
विवाह
बेटी
प्यार का पहला...
आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से हम भी फहराते हैं इसके मान से. आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से हम भी फहराते हैं इसके मान से.
वो छोटा टुकड़ा चाँद का, जो समंदर में गिर गया। वो छोटा टुकड़ा चाँद का, जो समंदर में गिर गया।
जब भी घर का कोई बाजार जाता कुछ और खिलौने खरीद लाता जब भी घर का कोई बाजार जाता कुछ और खिलौने खरीद लाता
थोड़ी देर रुका जीवन फिर से चलने वाला है देखो सूरज बादल से वह कब लड़ता है थोड़ी देर रुका जीवन फिर से चलने वाला है देखो सूरज बादल से वह कब लड़ता है
वो बचपन भी कितना सुहाना था, जिसका रोज एक नया फ़साना था । वो बचपन भी कितना सुहाना था, जिसका रोज एक नया फ़साना था ।
कभी रोते नहीं लाख दुःख आने पर भी। और कभी यूँ ही आंसू बहाने को दिल करता है। कभी रोते नहीं लाख दुःख आने पर भी। और कभी यूँ ही आंसू बहाने को दिल करता है।
सीख सको तो सीख लो इनसे और करो कृतज्ञता व्यक्त।। सीख सको तो सीख लो इनसे और करो कृतज्ञता व्यक्त।।
भूमिका निभाता है मात-पिता बनकर, और बच्चों के साथ बच्चा होकर। भूमिका निभाता है मात-पिता बनकर, और बच्चों के साथ बच्चा होकर।
इसीलिए तो यह आकाश है कहलाते ! इसीलिए तो यह आकाश है कहलाते !
भोर हो गया है, तिमिर छट चुका है। भोर हो गया है, तिमिर छट चुका है।
पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ हरा भरा जीवन बनाओ। पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ हरा भरा जीवन बनाओ।
भाग्य तो हमारे कर्म से है, बनते और बिगड़ते पर न जाने क्यों ? भाग्य तो हमारे कर्म से है, बनते और बिगड़ते पर न जाने क्यों ?
भारत रत्न से हुए अलंकृत उपराष्ट्रपति भारत के प्रथम थे।। भारत रत्न से हुए अलंकृत उपराष्ट्रपति भारत के प्रथम थे।।
किससे बिछड़े किसको पाया, इसपर भी संवाद करेंगे किससे बिछड़े किसको पाया, इसपर भी संवाद करेंगे
मेरी सभी गलतियों को माफ करने वाला वो भाईचारा हो तुम मेरी सभी गलतियों को माफ करने वाला वो भाईचारा हो तुम
खिड़की खोले सूरज दादा देख रहे बादल को। खिड़की खोले सूरज दादा देख रहे बादल को।
स्वतन्त्रता दिवस के नाम से प्रसिद्ध देश की शान है। स्वतन्त्रता दिवस के नाम से प्रसिद्ध देश की शान है।
राम लक्ष्मण की धरा, श्री कृष्ण की हूँ भूमि मैं। राम लक्ष्मण की धरा, श्री कृष्ण की हूँ भूमि मैं।
तो क्यों अब इससे और वियोग करो आओ सब मिलकर कुछ देर योग करो। तो क्यों अब इससे और वियोग करो आओ सब मिलकर कुछ देर योग करो।
हर समय जिन्दगी में खुशियाँ है , धीरज से ही जिन्दगी में खुशियाँ है हर समय जिन्दगी में खुशियाँ है , धीरज से ही जिन्दगी में खुशियाँ है