Chanchal Chauhan
Children
कोयल रानी हैं प्यारी,
मधुर गीत सुनाने वाली,
बोली बड़ी सुहानी,
चित चोर हैं मसतानी,
डाल डाल पर बैठे रानी,
सबका दिल खुश रखती रानी,
कू कू बागों में गूजे बानी,
जंगल की वो हैं रानी,
सबको जग को अपना बनाने वाली।
जिंदगी एक पहे...
कोयल रानी
रंगों की होली...
जीवनदान
नन्हीं सी चिड...
दिल मेरा हुआ ...
अलबेला फूल
विवाह
बेटी
प्यार का पहला...
नजर आये अगर एक बार, मन की कलियां खिलती।। नजर आये अगर एक बार, मन की कलियां खिलती।।
जग-मग जग-मग कितने सारे, नभ पर चमके झिलमिल तारे। जग-मग जग-मग कितने सारे, नभ पर चमके झिलमिल तारे।
उनकी सुबहें उम्मीद भरी हैं, सुकून से शामें ढल रहीं। उनकी सुबहें उम्मीद भरी हैं, सुकून से शामें ढल रहीं।
हर छोटी बड़ी बात को हम आसानी से कह देते।। हर छोटी बड़ी बात को हम आसानी से कह देते।।
तेरा स्वार्थ ले डूबेगा यूं, करो नहीं कभी ये भूल।। तेरा स्वार्थ ले डूबेगा यूं, करो नहीं कभी ये भूल।।
पिकनिक है मस्ती है पढ़ाई नहीं है मस्ती है। पिकनिक है मस्ती है पढ़ाई नहीं है मस्ती है।
खैर छोड़ शुरू कर अच्छी जिंदगी और डाल दे कहीं ऐसे विचार खाक को... खैर छोड़ शुरू कर अच्छी जिंदगी और डाल दे कहीं ऐसे विचार खाक को...
तुम बिन माथे कोई शिकन लाए, प्यार से मुझे पास बिठा, रंगबिरंगे फूल काढ़ने सिखाती थी। तुम बिन माथे कोई शिकन लाए, प्यार से मुझे पास बिठा, रंगबिरंगे फूल काढ़ने सि...
चाहे कितने पाप कर्म कर, जाना भव से पार, वक्त अभी है बावले, ले ले भज ले बस राम।। चाहे कितने पाप कर्म कर, जाना भव से पार, वक्त अभी है बावले, ले ले भज ले बस राम...
अपनी ममता मे अभी भी मेरा स्थान रखना, हुई जो भी भूल चूक उसे माफ करना। अपनी ममता मे अभी भी मेरा स्थान रखना, हुई जो भी भूल चूक उसे माफ करना।
हर मुसीबत से लड़ने की तुम प्रेरणा हमेशा दे जाती हो। हर मुसीबत से लड़ने की तुम प्रेरणा हमेशा दे जाती हो।
अंधविश्वास ही करता है गरीब को सबसे ज्यादा गरीबाई.... अंधविश्वास ही करता है गरीब को सबसे ज्यादा गरीबाई....
मनमोहक इक चित्र की जैसी, प्यारी न्यारी मुस्कान तुम्हारी, मनमोहक इक चित्र की जैसी, प्यारी न्यारी मुस्कान तुम्हारी,
तरोताज़ा करने वाली लहरों की लय, बनाती है पार्श्व संगीत। तरोताज़ा करने वाली लहरों की लय, बनाती है पार्श्व संगीत।
तुम्हारे भीख के कटोरे में उबलते पाप के समुद्र को। तुम्हारे भीख के कटोरे में उबलते पाप के समुद्र को।
वहा सुनाई दादी हररोज परियों की कहानी, वो अंगना में खेल रहे थे होली। वहा सुनाई दादी हररोज परियों की कहानी, वो अंगना में खेल रहे थे होली।
अनभिज्ञ होते हैं हम भविष्य से… और जीवन भी तो एक गुरु की भांति है; अनभिज्ञ होते हैं हम भविष्य से… और जीवन भी तो एक गुरु की भांति है;
खुद टूट के हमारी जिंदगी में एक नया सपना सजाते हैं। खुद टूट के हमारी जिंदगी में एक नया सपना सजाते हैं।
तो कही होगा बच्चों के लिए खेलने कूदने वाला जल। तो कही होगा बच्चों के लिए खेलने कूदने वाला जल।
और आप को अपने लक्ष्य तक पहुँचा जाए। और आप को अपने लक्ष्य तक पहुँचा जाए।