कोशिश
कोशिश
कोशिश करने से चींटी चढ़ जाती है पहाड़
नन्हा बालक गिरने के प्रयास में गिरता कई बार
और इस प्रक्रिया में लगता है दौड़ने
तुम जरा क्या हारे, लगे इधर उधर भागने
बैठ जाते हो मुरझाए हुए थककर
मनुष्य होने को मत करो कमतर
हे देवों की सन्तान, मनु की पहचान
स्वयं से मत बन अनजान
तुम्हारा काम ज्ञान का प्रकाश फैलाना है
अंधियारों में दीप जलाना है
तुम्हारा भाग्य तुम्हें ही लिखना है
मनुष्य हो तुम्हें ही निखरना है
तुम्हारे हाथ कोशिश करना है
जितने बार गिरो उतने बार सबक सीख आगे बढ़ना है
जो थमे डर कर वे मरे
तुम्हें स्वयं को जीवित करना है
त्यागो विश्राम, हारकर बैठना है हराम
तुम्हें जीवन से भरना है
जब तक साँस है, तब तक आस है
आशाओं के दीपक बनकर जग को रोशन करना है
कोशिश, कोशिश, कोशिश
तुम्हें पैदा होते ही मनुज होने का मिला आशिष
सब कुछ त्याग देना
मगर करते रहना कोशिश
कोशिश से ही उद्धार, कोशिश से ही जीवन साकार
जिसने कोशिश न छोड़ी
उसी का जीवन लेता अनुरूप आकार।
