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Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract

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Vijay Kumar parashar "साखी"

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कोरोना-कर्मवीर

कोरोना-कर्मवीर

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शिक्षक तूने क्या ख़ूब ड्यूटी निभाई है

हरबार तूने अपने कर्म से जोत जलई है


विपदा चाहे कोई भी इस देश पर आये

शिक्षक तूने सदा जान की बाजी लगाई है


दुनिया में सबसे कोमल दिल शिक्षक का है

पर कर्तव्य में तूने पत्थरो पे आग लगाई है


आज कोरोना की महामारी आई है

शिक्षक तूने क्या ख़ूब ड्यूटी निभाई है


कोरोना सर्वे हो या चेकपोस्ट कर्तव्य हो

शिक्षक तूने हरबार मौत से की लड़ाई है


होम आइसोलेशन हो या कोरोना ईगल हो

शिक्षक तूने हर जगह पर धूम मचाई है


शिक्षा मंत्री के मुँह से ये खबर आई है

शिक्षक तूने क्या खूब ड्यूटी निभाई है।


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