STORYMIRROR

नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Abstract Tragedy Inspirational

4  

नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Abstract Tragedy Inspirational

कंधे नौ जवान नव

कंधे नौ जवान नव

2 mins
288

कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह से गंभीर 

सियासत...कितनी 


पूरे हिस्से देश हिस्से

पुथल दिखी उथल  

चेहरा था युवा पूरी  

लहरा रहे हथियार  

जुलूसों में तलवारे 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


ये भी युवा लगा रहे 

नारे...अपत्तिजनक  

वे भी युवा लगा रहे

अपत्तिजनक...नारे


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


मामले ये तमाम

गिरफ्तार ये युवा

दलों संगठनों गुटों

दे सकते दोष पर

नेतृत्व नहीं नौजवान  


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


नीज वानों के निज

जरिया ये नौजवान

कररहे सीधा उल्लू  

जवान नव कंधे नौ

बस उल्लू...अपना 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


नौजवानों नही पसंद 

जगह राह मध्य मार्गी 

बाल सफेद विदा बाल

युवा जहां व उम्र पकी 

बड़ा हिस्सा नीजवानी 

दोनों तरफ अतिवादी 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


हैरत की बात नहीं 

पेंशन पर ये निर्भर

भरते कई...किस्ते 

बोझ जिम्मेदारियों 

उनकी सोच अलग 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


नई उम्र नई फसल 

अंदर कई बेचैनियां 

ज्यादा दुनियादारी 

नहीं पड़ा.....पाला


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


सदी पहले,दुनिया

बढ़ती है वामपंथ 

पूरी दुनिया खास

चुटकुला...चलता 

18 साल की उम्र 

न हो कोई वामपंथी  

सलाह और दिखावे 

 मनोचिकित्सक 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


50 साल की उम्र 

बाद हो वामपंथी  

उसे भी डॉक्टर 

जरूरत दिखना

मनोचिकित्सक


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


क्रांतियां कंधों नौजवान  

सत्ता पर काबिज सवार 

संग्राम भारत के स्वतंत्रता  

आजादी के बाद संपूर्ण 

क्रांति पूरी युवा आंदोलन  


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


सदी बदली दुनिया 

जहां है....लोकतंत्र 

लोकतंत्र सबसे बड़ी  

विशेषता यही विशेष

भीतर........संगठित 

विरोध....अभिव्यक्त

पूरे हो देता..अवसर  


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


नीतियों से असंतुष्ट 

बदलाव की बेचैनी 

उन्हें परेशान करती

बड़े पैमाने मतदान 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


उनके वोट या तो

अति......राष्ट्रवादी 

जा गिरते...झोली 

या आकर्षित होते

ओर समाजवादि


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


समय-समय पर 

मांगों को लेकर 

करते आंदोलनों 

हिस्सा बनते है

प्रदर्शनों का धरना 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


लेकिन वे नव जवान

लहराते हुए तलवारें  

सड़कों पर निकलते

क्षणिक सुख हासिल

समुदाय खिलाफ नारे 

झंडा फहरा कोशिशों


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 

 

कुल जमा नव जवान

आबादी में जवान नव

असंतोष वे...उपजता 

आक्रामक होके रास्ते 

आजमाने करें लोकतंत्र


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


ये अपने बूते पर 

सरकार को गिरा

सत्ता बिठा सकते

ऐसा कर भी रहे

फिर भी,निकले 

लहराते तलवारें


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


समाज पूरी व्यवस्था

बड़ी गड़बड़ियों ओर 

करता है.......इशारा  

दुनिया अब दक्षिणपंथ 

लोकतंत्र में दक्षिणपंथ 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


पैसा दिखता तेवर 

यहां दिख रहा ऐसा  

यदा-कदा ही पहले 

मुख्यधारा बना जगह 

हर दूसरे दिन एक नए 

रूप हो जाता हाजिर  


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


यह ऐसे हो रहा दौर 

शह लगा मात तार 

आजादी का अमृत 

मना रहा महोत्सव 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी 


एक विष के विस्तार 

सामने देश असहाय 

सबसे बड़ा लोकतंत्र 

हम करते इतना गर्व  

अभी कितना कुछ 

विशेष है करना शेष 


कंधे नौ जवान नव   

सड़कों पर दिखाते 

ताकत व आक्रामक

खास तरह गंभीर 

सियासत..कितनी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract