कलम या तलवार
कलम या तलवार
हमनें एक छात्र से पूछा
"दो में से तुम्हें क्या चाहिए, कलम या तलवार"
छात्र बोला "तलवार"
हमनें कहा "कलम क्यों नहीं
कलम महान है, विश्व की जान है
कलम से संविधान बनता है
आदमी छात्र फिर अफसर बनता है
कलम से इतिहास, साहित्य लिखा जाता है
वो कलम ही है, जिसके बल पर मानसिकता बदली जाती है
कलम से ही सारा कारोबार चलता है
क्लर्क से लेकर अफसर तक पलता है"
छात्र बोला" आपने वो कहावत नहीं सुनी
जिसकी लाठी उसी की भैस
सूनी होती तो कलम की नहीं
तलवार की बात करते
आपने गुण गाए कलम के
हम गाते हैं तलवार के
जिसकी जितनी भारी तलवार उसकी उतनी ही लंबी मार
फिर चाहे वो अमेरिका की तलवार हो या इराक़ की
कलम इतिहास लिखती हैं
तो तलवार इतिहास बनाती है
वो तलवार ही है जो क्रान्ति लाती है
अच्छे अच्छो के छक्के छुडाती है "
हमने कहा" तुमने पते की कही है
बात सही है. लेकिन अब मैं कहता हूं
निर्बल की रक्षा को उठे तलवार तो वो है सही वार
निजी स्वार्थ के लिए उठे तलवार
तो वो है दिशा भ्रमात्मक वार
आज जो छात्र उठा रहे हैं तलवार
बहके नौजवान उठा रहे हैं तलवार
वो चाहे नक्सल के रूप में हो
चाहे उग्रवादियों के रूप में
ऐसी तलवार कौन सी क्रान्ति लाती है
वो तो केवल रक्त बहाती है
क्या काम की ऐसी तलवार
जिससे किसी बहिन का सुहाग,
माँ की गोद, बहिन का भाई,
किसी बाप का बेटा और बेटे से
उसका बाप छीना जाता हो
किस काम की वो तलवार
जिससे भविष्य के प्रति भय हो
किस काम की वो तलवार
जिससे अपनी ही गर्दन कट रही हो
किस काम की वो तलवार
जिससे हम अपने बच्चों को स्कूल भेजते डरते हों,
हिदायत देते हो कि राह में पड़ी किसी चीज को हाथ मत लगाना
वो बच्चे जो जीवन का अर्थ नहीं समझ पाये
उन्हें मौत के बारे में क्या और कैसे समझाएं
जब तक इस देश का छात्र, नौजवान तलवार मांगेगा, तलवार मांगेगा
तब तक इस देश में दंगा फसाद, लूट मार, मारकाट,
खून खराबा, दर, भय, मौत का राज होगा
ऐसे में किसका विकास होगा
कैसे गांधी का स्वप्न साकार होगा
बोलो, कलम महान
तलवार को फेंक
जय हिन्दुस्तान।
