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Pankaj Dhurde

Romance Fantasy Others

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Pankaj Dhurde

Romance Fantasy Others

ख्वाहिशें

ख्वाहिशें

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बेहिसाब ख्वाहिशों का दिन 

आज फिर से गुजर गया..

बातें कहनी थी हजार पर वक्त ढल गया..

खो रहा हूँ इस अंधेरे में..

तू अपने घर में कोई चिराग जलाये रखना..

मैं हूँ मुसाफिर रात का...कहीं खो जाऊंगा...

बस तू अपना खयाल रखना..!!


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