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Dr. Satyam Bhaskar

Romance

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Dr. Satyam Bhaskar

Romance

ख्वाबों की मल्लिका

ख्वाबों की मल्लिका

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मेरे ख्वाबों की मल्लिका है,

मेरे लम्हों की शहजादी,

देखा था उन्हें तो दिल बोल उठा,

रब करदे इन्हें राजी,

उनकी अदाओं का जलवा था,

या था, हुस्न का जादू,

मुहब्बत, ईश्क, प्रेम, प्यार,

मुझको कर रहे थे बेकाबू,

मगर दिल की मेरी धड़कन,

मुझसे कह रही थी, अरे पगले रुक जा तू।


बिजली सी कौंधी थी,

मरतबा पहले हुआ उनसे जो रूबरू,

मल्लिका ए हुस्न कहूँ,

या फिर कहूँ मैं हुस्न की देवी,

हाल ए दिल बेताब हुआ,

कहने को उनसे आई लव यू,

दिवस वो खास था,

आज से ७ वर्ष का पहले,

मेरा जो वस चले तो,

दिवस ये खास कर जाऊँ,

सत्यम आपको ये दिन समर्पित करता है,

क्षमा करना हर भूल को, ये विनती करता है।।


मेरे ख्वाबों की मल्लिका है,

मेरे लम्हों की शहजादी।।

देखा था उन्हें तो दिल बोल उठा,

रब करदे इनसे मेरी शादी।।


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