STORYMIRROR

Mitali Mishra

Abstract

4  

Mitali Mishra

Abstract

ख्वाब

ख्वाब

1 min
251

            

जिंदगी ख्वाबों से बन्धी होती है,

ख्वाब हमारे जीने की चाहत ,

ये चाहत हमारे जीने की उम्मीद,

और ये उम्मीद हमारी सांस।

ये ख्वाब जीने की ताकत होते हैं,

ये ख्वाब ही जीने का मकसद,

ये ख्वाब ही हमारे उड़ान होते हैं ,

और ये ख्वाब ही जीवन की सार्थकता।

ख्वाबों से ही तो जिंदगी

रंगीन बनती है,

ख्वाबों से ही तो जिंदगी

जीने का मजा है,

जो ख्वाब है तो हम हैं,

जो ख्वाब नहीं तो जिंदगी बेरंग है।


        

        

          

          

          



          

   


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Mitali Mishra

हौसला

हौसला

1 min पढ़ें

एहसास

एहसास

1 min पढ़ें

बंधन

बंधन

1 min पढ़ें

बारिश

बारिश

1 min पढ़ें

सफर

सफर

1 min पढ़ें

सागर

सागर

1 min पढ़ें

घर

घर

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Abstract