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Muhammad Asif Ali

Romance

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Muhammad Asif Ali

Romance

ख़्वाब

ख़्वाब

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ख़्वाब को साथ मिलकर सजाने लगे

घर कहीं इस तरह हम बसाने लगे 

कर दिया है ख़फ़ा इस तरह से हमें

मान हम थे गए फिर मनाने लगे।


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