खुशी
खुशी
खुशी तो बहुत होती है... जब मैं कुछ लिखती हूँ
पर.... इंतजार बड़ी बेसब्री से मुझे उस पल का
जब मैं कुछ बेहतरीन लिखूँ.....
खुशी तो बहुत होती है जब मैं
मदद किसी का कर जाती हूँ
पर .... इंतजार बड़ी बेसब्री से मुझे उस पल का
जब मैं उदास चेहरों के लिए खुशियाँ समेट लाऊँ
खुशी तो बहुत हैं..... मैं जो बड़ी हो गई
पर.... इंतजार बड़ी बेसब्री से मुझे उस पल का
जब मेरे अपने मेरे कारण सर उठा के चल सके
खुशी तो बहुत होती है.... बुराइयों से कहीं दूर
मैं कुछ अच्छाइयाँ समेटती जा रही हूँ
पर इंतजार मुझे उस पल का
जब मैं इस दुनिया के लिए कुछ अच्छा कर सकूँ
खुशी तो बहुत होती है... जब मैं किसी के
मुस्कान का कारण बनती हूं
पर.... बड़ी बेसब्री से इंतजार मुझे उस पल का
जब मैं सबके लिए खुशियों का खजाना ढूंढ पाऊँ ...
