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Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Inspirational


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Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Inspirational


खुदीराम बोस को नमन

खुदीराम बोस को नमन

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मां के लाडले खुदीराम बोस नमन करते है तुझको

सागर की लहरों से हमसब तर्पण करते है तुझको


कम उम्र में ही तुम तो ख़ुदी,फांसी पे झूल गये थे,

भारत माँ के लिये शूल को भी फूल समझ गये थे,


हम सब देशवासी सुबह-शाम याद करते है तुझको

माटी के बलिदान के लिये आदर्श मानते है तुझको


मां के लाड़ले खुदीराम बोस नमन करते है तुझको

जब तक फ़लक पर चाँद-सूरज चमकता रहेगा,


तब तक ख़ुदी ज़माने में तेरा नाम रोशन रहेगा,

हर दीपक की लौ का उजाला हम मानते है तुझको


जब-जब भी इतिहास में शहीदों का नाम आयेगा,

तब-तब प्रथम नाम लोगों की जिह्वा पे तेरा आयेगा,


ख़ुदी, हम ख़ुदा की अमूल्य ख़ुदी मानते है तुझको

मां के लाडले खुदीराम बोस नमन करते है तुझको।


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