STORYMIRROR

Seema Rani Nimesh

Romance

4  

Seema Rani Nimesh

Romance

"खाली पन्ने प्रेम के"

"खाली पन्ने प्रेम के"

1 min
325

धूल में लिपटी हुई पुरानी डायरी

और वक्त के साथ मन पर पड़ गये

जालों के साफ होते ही

यादों का एक सैलाब उमड़ता है

बहा ले जाता है अपने साथ


डायरी खोलते ही पहला पन्ना

ठीक वैसे ही फटा मिलता है

जैसे फाड़ा गया था कभी  

अपनी मजबूरियों में

और

जिसका गवाह बना था दूसरा पन्ना

जिस पर मटमैले पड़ चुके

गोल गोल निशान

अभी भी अपनी उपस्थिति

दर्ज कराए हुए है


शेष खाली पन्नों में

सिमटी हुई है दास्तान

प्रेम की


जो अगर शब्दों में समेटी जाती

तो ना जाने कितनी डायरियां भर जाती


ये तो अच्छा है

हर प्रेम कहानी के नसीब में

शब्द नही होते

दबी,छुपी रहती है

दिल की गहराइयों में कहीं

वर्ना

बहा ले जाती अपने संग

वर्तमान और भविष्य

और खींच देती एक रेखा

संबंधों के बीच

जिस पर टंगे होते

प्रश्नचिन्ह अनेक


हर खाली पन्ने में

आँखे गड़ाये

हम पलटते है अपना इतिहास

और जीते है भूतकाल


आँखों की कोर से

चुपके से निकल कर

कब एक बूंद

डायरी पर बना देती है 

एक गोल निशान।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance