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Vinay Panda

Abstract Others

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Vinay Panda

Abstract Others

खाली कमरा

खाली कमरा

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दिल मेरा एक खाली कमरा

मन अशांत अरमान सब बिखरा,

बेचैनियों के इस घोंसले में

तड़प दिल की जिन्दा,

सफ़र जीवन का जारी है।


क्या है पास मेरे बचा

अब कुछ शेष नहीं,

वक़्त की आँधी

झकझोर दी ज़िन्दगी,

मन कुंठित, दिल में प्यार

का कुछ अवशेष नहीं।


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