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Dinesh Dubey

Tragedy

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Dinesh Dubey

Tragedy

काश कोई

काश कोई

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काश कोई मुझे समझ पाता,

आज मैं भी कुछ बन जाता,


हर किसी ने किया मुझे अलहदा,

वरना मैं भी था सबसे जुड़ा।


मेरी किस्मत ने भी मुझे दिया दगा,

यूं बन न सका कोई अपना सगा,


जिसे समझा था कभी मैंने अपना,

वो बेवफाई का दिखा गया आईना।


ଏହି ବିଷୟବସ୍ତୁକୁ ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ କରନ୍ତୁ
ଲଗ୍ ଇନ୍

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